नेता खींचतान में व्यस्त, जनता की सेवा कौन करेगा - नरेश शर्मा 


देश की राजनीति में लगातार बढ़ रही खींचतान, आरोप प्रत्यारोप और सत्ता की लड़ाई के बीच आम जनता के मुद्दे पीछे छूटते नज़र आ रहे हैं महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समास्याओं, शिक्षा , स्वास्थ्य, स्वच्छता और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से काम करने की बजाय राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप अधिक व्यस्त दिखाई दे रहे है भारतीय मानवाधिकार महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को राजनीतिक संघर्ष करने के लिए नही बल्कि उनकी समस्याओं को समाधान करने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए चुना है यदि नेता आपसी खींचतान में ही उलझे रहेंगे तो आम नागरिकों की उम्मीदों पर खरा उतरना कठिन रहेगा उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि सभी राजनीतिक दल दलगत हितों से ऊपर उठकर जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें युवाओं के लिए रोज़गार किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं, महिलाओं की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण जैसे मुद्दों पर मिलकर काम किया जाएं भारतीय मानवाधिकार महासंघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की राजनीतिक ताकत जनता है और जनप्रतिनिधियों का पहला कर्तव्य जनता की सेवा करना है उन्होंने कहा सभी नेताओं से आह्वान किया कि ये राजनीतिक मतभेदों को सीमित रखते हुए देश और समाज के के विकास के लिए सकारात्मक राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत करें।

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