बारा खास में भीषण अग्निकांड राख में बदली हार्डवेयर की पूरी दुकान: दुकानदार रामलाल केसरवानी पर टूटा दुखों का पहाड़
परिवार ने मुख्यमंत्री योगी और डीएम प्रयागराज मनीष वर्मा से न्याय और मुआवजे की लगाई गुहार
बारा प्रयागराज। यमुनापार क्षेत्र के बारा खास में सोमवार की देर रात हुई एक हृदय विदारक घटना ने पूरे कस्बे को गहरे शोक और सदमे में डाल दिया। कस्बे के मुख्य बाजार स्थित रामलाल केसरवानी की हार्डवेयर की दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और दुकान में रखा लाखों का सामान राख में तब्दील हो गया।आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि मौके पर पहुँचे लोग कुछ भी बचाने में असफल रहे। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियाँ घंटों की मशक्कत के बाद आग बुझाने में सफल हुईं, लेकिन तब तक सबकुछ नष्ट हो चुका था। सुत्रों के द्वारा मिली जानकारी कि इस अग्निकांड में लगभग दस से बारह लाख रुपये का नुकसान हुआ है। यही दुकान रामलाल और उनके परिवार की जीविका का सहारा थी। आग की इस घटना ने रामलाल केसरवानी, उनकी पत्नी मीरा देवी, पुत्र विवेक व अंशु तथा बेटियाँ आंचल और सेजल को पूरी तरह तोड़ दिया है। घर के मासूम बच्चों की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे, वहीं पत्नी मीरा देवी अपने बिखरे सपनों को देख बार-बार बेहोश हो रही हैं। पड़ोसियों ने उन्हें संभालते हुए कहा “रामलाल भाई हमेशा सबकी मदद करते थे, आज वे खुद इस विपत्ति में फंसे हैं।” कस्बे के लोग और व्यापारी संगठन इस त्रासदी से आहत हैं। सबका कहना है कि रामलाल मेहनतकश और ईमानदार दुकानदार हैं, जिन्होंने बरसों की मेहनत से यह दुकान खड़ी की थी। अब जब सबकुछ राख हो गया है, तो प्रशासन को तुरंत मदद करनी चाहिए। इस विपत्ति की घड़ी में क्षेत्रीय लोगों और व्यापारी संगठनों ने एक स्वर में आवाज बुलंद की है कि पीड़ित परिवार को राहत और मुआवजा मिले। परिवार और स्थानीय जनता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला अधिकारी प्रयागराज मनीष वर्मा से न्याय और आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली, तो परिवार पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुँच जाएगा। समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है कि वे इस कठिन समय में रामलाल के परिवार का हाथ थामें। यह हादसा केवल एक दुकान नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सपनों और भविष्य को राख कर गया है। अब पूरे बारा खास की निगाहें मुख्यमंत्री और जिला अधिकारी की ओर टिकी हैं कि कब न्याय और राहत पीड़ित परिवार तक पहुँचेगी।

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