कटिहार में 'कारखाना बुझाने वाले' ही अब जलाएंगे व्यापार की मशाल: एनडीए पर जन सुराज का तीखा तंज

कटिहार (बिहार): "पहले दुकान में ताला जड़ो, फिर दुकानदार को धंधा चलाने का ज्ञान दो!" सोशल मीडिया के डिजिटल चौपाल पर 'जन सुराज' के संस्थापक सदस्य एवं बिहार कोर कमेटी सदस्य सत्यनारायण शर्मा का यह तीखा व्यंग्य बाण सीधे एनडीए के 21 सालों के रिपोर्ट कार्ड पर जाकर लगा है। मौका है कटिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स की आम सभा का, और मुद्दा है एनडीए नेताओं द्वारा व्यापारियों को कठिन परिस्थितियों में सफल होने की 'मुफ्त सलाह'।

​अपने सोशल मीडिया हैंडल पर व्यंग्यात्मक शैली में चुटकी लेते हुए शर्मा ने लिखा कि राजनीति का इससे बड़ा और क्या रूप देखने को मिलेगा, जहां कटिहार की आर्थिक कब्र खोदने वाले ही आज व्यापारियों के सबसे बड़े शुभचिंतक बनने का अभिनय कर रहे हैं।

​सत्यनारायण शर्मा ने एनडीए के 21 वर्षों के "सफल प्रयोगों" की परतें खोलते हुए कहा कि जिस राज में कटिहार की शान कही जाने वाली जूट मिलें, फ्लावर मिलें, रोलिंग मिलें और राइस मिलें एक-एक कर इतिहास बन गईं, उसी राज के कर्णधार अब ठप्प पड़े व्यापार को उबारने की घुट्टी पिलाएंगे। कारखानों की चिमनियों से धुआं गायब करने वाली सरकार के पास अब सिर्फ भाषणों का धुआं बचा है।

​व्यापार की रीढ़ माने जाने वाले कटिहार जंक्शन की हालत पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो स्टेशन कभी सीमांचल के व्यापार का मुख्य केंद्र था, उसे एनडीए के दूरदर्शी नेताओं ने बड़ी ही 'कुशलता' से डिमोट करके एक मामूली रोडसाइड स्टेशन का दर्जा दिलवा दिया। लंबी दूरी की ट्रेनें छिन गईं, पटरियां वीरान हो गईं, और अब जब व्यापार की कनेक्टिविटी ही टूट चुकी है, तो एनडीए के गुरुजी मंच संभालकर सफलता का पाठ पढ़ाने आ रहे हैं।

​शर्मा ने अपने पोस्ट में चुटकी लेते हुए आगे लिखा कि चेंबर ऑफ कॉमर्स की आम सभा में यह नजारा देखने लायक होगा, जहां घाव देने वाले ही खुद मरहम की दुकान लगाकर बैठेंगे। उन्होंने कटिहार के व्यापारी वर्ग को आगाह किया कि जिन्होंने 21 साल तक व्यवसाय को घुटनों पर रखा, उनके भाषणों में तरक्की का नहीं बल्कि पाखंड का नुस्खा छिपा है।

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