बिना पिता की बेटी का अंजुमन शिक्षा समिति ने भरा मायरा
समाजसेवियों ने निभाई जिम्मेदारी, गरीब परिवार को दिया संबल
अजय भारद्वाज/रामगढ़ बहाला गांव में ललता देवी के घर बेटी अनुष्का का विवाह संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाजसेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली, जब अंजुमन शिक्षा समिति रामगढ़ ने बिना पिता की बेटी का मायरा भरकर परिवार को सामाजिक और भावनात्मक संबल प्रदान किया।
गौरतलब है कि करीब पांच वर्ष पूर्व ललता देवी के पति संजय का निधन हो गया था। इसके बाद ललता देवी ने मेहनत-मजदूरी कर अपने पांच बच्चों का पालन-पोषण किया। बेटी की शादी तय होने पर उन्हें सबसे बड़ी चिंता यह सता रही थी कि सामाजिक परंपरा के अनुसार मायरा कौन भरेगा।
इस कठिन समय में गांव के सरपंच कल्लू खां ने ललता देवी का हौसला बढ़ाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। सरपंच की पहल पर बेटी का विवाह तय हुआ। बारात आने से पूर्व सरपंच की सूचना पर अंजुमन शिक्षा समिति रामगढ़ की टीम ललता देवी के घर पहुंची और परंपरानुसार मायरा भरा।
समिति अध्यक्ष एवं प्रधान नसरू खान के नेतृत्व में पहुंचे सदस्यों ने पहरावनी की, नेग-भेंट दी और थाली में 24 हजार रुपए नकद चढ़ाए। इस दौरान परिवार की आंखें नम हो गईं और उन्होंने समिति व ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर समिति सदस्य प्रधान नसरू खान .अज्जू खान, डॉ. इस्लाम, सरपंच समसू खां, सरपंच कल्लू खां सहित अंजुमन शिक्षा समिति के कई सदस्य उपस्थित रहे।ग्रामीणों ने कहा कि अंजुमन शिक्षा समिति द्वारा किया गया यह कार्य समाज के लिए एक प्रेरणा है और जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की किरण साबित होता है।



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