कौशाम्बी पुलिस की बड़ी कामयाबी,पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के कुशल नेतृत्व में अंतर्राज्यीय ऑनलाइन ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 02 शातिर आरोपी गिरफ्तार
संवाददाता श्रीकुश मिश्रा
कौशाम्बी। जनपद में अपराधियों पर लगातार सख्ती और तकनीकी दक्षता के बल पर कौशाम्बी पुलिस एक के बाद एक बड़ी सफलताएँ हासिल कर रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व, सतत निगरानी और स्पष्ट निर्देशों का परिणाम है कि बैंक खातों के माध्यम से ऑनलाइन फ्राड करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।दिनांक 09.01.2026 को पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के निर्देशन में थाना मंझनपुर प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह व उनकी पुलिस टीम ने तकनीकी व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर सटीक योजना बनाते हुए यह बड़ी कार्रवाई की। यह गिरोह भोले-भाले और जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और फिर उन खातों के माध्यम से ऑनलाइन ठगी की रकम का लेन-देन करता था। पुलिस की सूझबूझ से समय रहते इस संगठित अपराध की जड़ तक पहुंच बनाई गई। पुलिस अधीक्षक की रणनीति से अपराधियों पर शिकंजा घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने स्वयं पूरे प्रकरण की मॉनिटरिंग की और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी हाल में दोषियों को बख्शा न जाए। उन्हीं निर्देशों के क्रम में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों को दबोच लिया और उनके कब्जे से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की।अभियुक्तों की पहचान गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण संजय पुत्र राम बालक सरोज, निवासी बरैसा, थाना पश्चिम शरीरा, जनपद कौशाम्बी, आसिफ पुत्र रसीद, निवासी हिरन डीह, थाना फिरोजपुर झिरका, जनपद नुहू (हरियाणा) के रूप में हुई।पुलिस ने अभियुक्तों के पास से एक कार, कई आधार कार्ड, स्मार्टफोन, बैंक चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड, विभिन्न कंपनियों की सिम कार्ड, श्रम कार्ड, पैन कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र तथा अलग-अलग राज्यों के फर्जी वाहन नंबर प्लेट बरामद की हैं। यह बरामदगी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से लंबे समय से साइबर अपराध को अंजाम दे रहा था। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग राज्यों में फर्जी पहचान के जरिए बैंक खाते खुलवाकर ऑनलाइन ठगी की रकम आपस में बांटते थे।प्रारंभिक जांच में ही यह सामने आया है कि इनके खिलाफ कई ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं और ठगी की रकम लाखों में है।कौशाम्बी पुलिस की सराहनीय कार्यशैली इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के नेतृत्व में कौशाम्बी पुलिस न केवल परंपरागत अपराधों बल्कि साइबर और ऑनलाइन फ्राड जैसे आधुनिक अपराधों पर भी पूरी मजबूती से नियंत्रण कर रही है। उनकी कार्यशैली, अपराध के प्रति जीरो टारलेंस नीति और अधीनस्थ पुलिस बल को लगातार प्रेरित करने की क्षमता ही इस सफलता की असली कुंजी है। जनपदवासियों ने इस बड़ी कार्रवाई पर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार एवं कौशाम्बी पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे सख्त और सजग नेतृत्व में अपराधियों के हौसले पस्त होना तय है।*
*कौशाम्बी पुलिस का यह अभियान स्पष्ट संदेश देता है अपराध चाहे जितना भी आधुनिक क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बचना नामुमकिन है।*

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